गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
प्यार पर न चढाओ हैवानियत की चादर
सामूहिक बलात्कारः स्त्री-चेतना और अस्मिता को हतोत्साहित करने का षड्यंत्रकारी आयोजन
मेरे ख़्वाबों के दूल्हे बनाम शहनाइयां जो बज न सकीं
‘परमाणु ऊर्जा का नकार’ स्त्रियों के लिये इतना मह्त्वपूर्ण क्यों है ?
कंडोम , सनी लियोन और अतुल अंजान की मर्दवादी चिंता
औरत को डायन और पागल ठहराने के पीछे
मातृत्व और पितृसत्ता
एफ जी एम / सी यानि योनि पर पहरा
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय