‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है
ओटीटी और भारतीय समाज की बदलती ‘दर्शक संस्कृति’
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
केरल: सुशासन और सामाजिक एकता का इतिहास विरोधी तर्क : शशि थरूर का एजेंडा क्या है ?
वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’