गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
“मैं अभागा सुअर हूं”
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
खालिदा जिया बेगम (1945-2025): अधिकार, विरोधाभास और दक्षिण एशिया की जटिल विरासत
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की पहली महिला अध्यक्ष: संगीता बरुआ पिशरोटी
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय