गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
मेरे अल्लाह मेरी दुआ सुनना : अरावली हिल्स पर पथराई आँखों की पुकार
नीतीश जी, आपकी पुलिस गालियाँ देती है और टार्चर करती है
हमें खत्म करने के पहले वे लोकतंत्र को खत्म करेंगे
नरसंहारों का स्त्रीपक्ष
वहशी राष्ट्रवाद: अपने ही नागरिकों के खिलाफ जंग
देवयानी
महिला आरक्षण पर जदयू की बदली राय: कहा पहले 33% पास हो फिर वंचितों तक हो विस्तार
जेएनयू बलात्कार और वामपंथ का अवसरवाद
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई