गद्य काव्य रचना त्रयी
फूलमती का वसंत ऋतु
‘कामायनी’ और ‘उर्वशी’ : आधुनिक मनुष्य की त्रासदी और मुक्ति-चेतना का आख्यान
बापू टावर में सवर्ण वर्चस्व का नंगा नाच
देश के किसी नेता में न यह हैसियत है, न हिम्मत की वह तानाशाही लेकर आये: देवीप्रसाद त्रिपाठी
जाति-वर्ग और लिंग के दायरे में चल रहे संघर्षों के साथ जुड़ें : कविता कृष्णन
क्रांति के अग्रदूत का जाना: लाल सलाम कामरेड
तीन तलाक, समान नागरिक संहिता और मोदी सरकार: पहली किस्त
सौ के नोट दिखाते लंपट और परेशान महिलायें
समानता के लिए जरूरी है महिला आरक्षण: सीताराम येचुरी
पहली महिला राष्ट्रपति नहीं सेक्सिस्ट राष्ट्रपति: अमेरिकी जनादेश
मीडिया से मजदूर गायब, सेक्सी माडल्स बिल्डिंग बना रहे हैं !
लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई