फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
मातृत्व अवकाश पर भी अंकुश! (बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री: जे. शर्मिला)
अपने परिवार के खिलाफ लड़कर लता सिंह ने हासिल किया न्याय: बेड़ियाँ तोडती स्त्री
और भी तरीके हैं (तीन) तलाक-ए-बिद्दत समाप्त करने के: सरकार बहादुर की मंशा पर शक
बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री: करुणा प्रीति: अनब्याही माँ का संतान के संरक्षकत्व का संघर्ष
बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री : मेरी रॉय, जिसने सम्पत्ति में समान उत्तराधिकार की लड़ाई लड़ी
पैतृक सम्पत्ति, कृषि भूमि और स्त्रियाँ
इंसाफ करने के नाटक-नौटंकी की क्या जरूरत: अरविंद जैन
सत्ता में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति: सामर्थ्य, सीमाएँ एवं संभावनाएँ
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन