गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
साहित्य अकादमी यौन उत्पीड़न मामला: हाईकोर्ट ने बर्ख़ास्तगी को बताया ‘बदले की कार्रवाई’, महिला को बहाल करने का आदेश
धड़क 2 :फिल्म समीक्षा
कोबाल्ट ब्लू: फ़िल्म समीक्षा
‘पाक’ की ‘सफाई’ पर प्रार्थना पत्र
‘फेंकने दो उन्हें गोबर’: फुले दम्पति की संघर्ष गाथा
सत्यजीत राय के वाजिद अली शाह
हिंदी सिनेमा में बाबा साहेब अम्बेडकर की वैचारिकी
हिंदी रंगमंच में महिला रंगकर्मियों का योगदान
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय