फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
लिपस्टिक अंडर माय बुर्का : क़त्ल किए गए सपनों का एक झरोखा
पांच रूपये और पांच मिनट का क्रूर फेयर और लवली व्यापार
सामंती हवेलियों में दफ्न होती स्त्री
मोदी, केजरी को महिला कलाकार की ललकार: जान देंगे लेकिन जगह नहीं छोड़ेंगे !
युवाओं के गायक संभाजी समाज बदलने के गीत गाते हैं
अस्तित्व के प्रश्न खड़े करती दलित स्त्री पात्र
सांस्कृतिक राष्ट्रवादियों को बेचैन करने वाले नाटकों का पाठ आयोजित
स्त्री कामुकता का उत्सव मानती फ़िल्म ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन