गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
सांस्कृतिक राष्ट्रवादियों को बेचैन करने वाले नाटकों का पाठ आयोजित
स्त्री कामुकता का उत्सव मानती फ़िल्म ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’
स्त्रीसत्ता, लोकायत दर्शन और क्रान्ति की गति
वृत्तचित्र ‘तेरी जमीं तेरा आसमां’ का प्रीमियर 29 अप्रैल को अमेरिका में
‘अनारकली आॅफ आरा’ : आंसुओं से उपजी आग और भरोसे की उम्मीद
रंडी, या रंडी से कम और हाँ, बीबी से भी बलात्कार हक़ नहीं
उस आख़िरी दृश्य में अनारकली !
उन्नीसवें भारत रंग महोत्सव में स्त्रियों की भागीदारी
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय