पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
वेश्यावृत्ति को कानूनी बनाना समस्या का समाधान नहीं : महिला संगठन
वे कुन्तियाँ नहीं गौरव से भरी माँ हैं
अपने ही घर में खतरों से घिरी बेटियां
औरत ’चुप‘ रहे, तभी ’महान‘ है
स्त्री के प्रेम की अभिव्यक्ति – ‘अन्या से अनन्या’
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : आखिरी क़िस्त
‘डार्क रूम में बंद आदमी’ की निगाह में औरत : पहली क़िस्त
मजदूर-वर्ग के दृष्टिकोण से स्त्री-मुक्ति : १५-१६ नवम्बर,२०१४, गाँधी- आश्रम , सेवाग्राम, में दो दिन का कार्यशाला
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब