ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
मर्दोत्सव और स्त्रीविलाप बीच होलिका का लोकमिथ
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलायें और गांधीजी की भूमिका पर सवाल
स्त्रीत्व, देहबोध और आत्मानुभूति : सामाजिक निषेध से आध्यात्मिक स्वायत्तता तक
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें
वेश्यावृत्ति का समुदायिकरण और उसका परंपरा बनना
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक