फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
मंदिर में उन्हें ऊपरी वस्त्र खोलकर ही जाना होता था , देना होता था स्तन टैक्स
रेहाना का अंतिम पत्र
राजेन्द्र यादव की स्वीकरोक्ति और स्त्रीवादी प्रतिबद्धता के सवाल !
‘मर्द’ तैयार करती सोच की पहली सीख : उलटबांसियां: उलटी दुनिया की पाठशाला (1998)
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कम से कम एक दरवाज़ा
मलाला की कहानी बी बी सी के जुबानी
एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन