लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
नरसंहारों का स्त्रीपक्ष
ताकि पीड़िताओं को बार –बार बलात्कार से न गुजरना पड़े
ताकि बलात्कार पीड़िताओं को बार –बार बलात्कार से न गुजरना पड़े
प्रेम के स्टीरियोटाइप से मुक्ति ही प्रेम है
मैं भारतीय मुसलमान स्त्री हूं : तलाक से आगे भी जहां है मेरी
क्यों स्त्रीविरोधी है अतिनाटकीय फिल्म ‘पिंक’ !
बेडटाइम स्टोरीज : ‘ स्वीट ड्रीम्स’: सेक्स पोर्न और इरॉटिका का ‘साहित्य’ बाजार -2
बेडटाइम स्टोरीज : ‘ स्वीट ड्रीम्स’: सेक्स पोर्न और इरॉटिका का ‘साहित्य’ बाजार
सूखा नशा