लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
आतंक के साये में
मंजरी श्रीवास्तव की कविताएं
होली : एक मिथकीय अध्धयन
होली का स्त्रीवादी पाठ
पूजा प्रजापति की कविताएँ
स्त्री मुक्ति का यथार्थ
‘हंडेर’ हरियाणवी छोरी और आधी आबादी की आज़ादी
रमाशंकर विद्रोही की कविताएं
सूखा नशा