लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
संबंधों के सैलाब की त्रासदी: कहानी संग्रह ‘एक और सैलाब’ मेहरुन्निसा परवेज़
मेरा प्रथम पुरुष मित्र
सत्यजीत राय के वाजिद अली शाह
अलविदा “रोज दीदी” (डॉ. रोज केरकेट्टा )
दादी नानी की परीक्षा
वर्तमान के दो अंतहीन युद्ध
डॉ पूरन सिंह की पाँच लघु कथाएँ
रॉंग नंबर
सूखा नशा