ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय
हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
जंग खोज निकालता है कोई और खूबसूरत सी चीज
साहित्यिक मतदाता की खुली चिट्ठी : केजरीवाल सर, लिखवायें किताब की कुंजी ‘सफरनामा कितना सच, कितना झूठ.’
राजकमल प्रकाशन ‘वह सफ़र था कि मुकाम था’ को निरस्त करे (!)
कहानी में तीसरा कक्ष
राजेंद्र यादव से मन्नू का प्रेम ठोस था: वे पत्नी और प्रेमिका दोनो रहीं
मैत्रेयी इतनी इर्ष्यालू थी कि वह नजर रखती थी कि राजेंद्र जी के पास कौन आ रहा है (?)
21वीं सदी: स्त्री-सम्वेदी पुरुष की परिकल्पना और ‘कठपुतलियाँ’
मन्नू भंडारी के नाम
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक