एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं

महिला सशक्तिकरण का नारा धोखा है

प्रेस विज्ञप्ति ,04, अप्रैल 2026 पटना

महिला संगठनों की एक संयुक्त जांच टीम जिसमें अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोशिएशन, ऐपवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज चौबे, ऐडवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपरी, बिहार महिला समाज की रिंकू व कृष्णा, बिहार महिला समाख्या फेडरेशन की रत्ना, इप्तदा नेटवर्क की अख्तरी बेगम व दलित महिला विकास मंच की प्रतिमा शामिल थीं, नालंदा जिला के नूरसराय थाना के अजयपुर गांव का दौरा किया. अजय पुर में 26 मार्च की शाम सरेआम एक महिला को गुंडों ने सामूहिक बलात्कार की कोशिश की, उसके निजी अंगों में हाथ डाला और मानवता को शर्मसार किया। गांव के ही कुछ लोगों के प्रयास से महिला को बचाया जा सका। 

 अत्यंन्त पिछड़ी जाति की महिला के पति पूना में मजदूरी करते हैं। महिला बूढ़ी सास के एवं अपने बच्चों के साथ रहती है और उसके तीन बच्चे हैं। 

उसे अपना सब काम खुद हीं करना पड़ता है। घटना की खबर सुन कर गांव लौट आए पति ने बताया कि ,इससे गांव के कई लोग इर्ष्या करते थे l 

दिनांक 26 /3/2026 को शाम उसकी पत्नी अपनी बेटी के पास पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पेमेंट करवाने के लिए एक ग्रामीण के यहां है थी l 

उसी समय अकेली महिला पुरुष के पास देख कर ग्रामीण लोगों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया। जिसमें मुख्य अभियुक्त यादव ने उसके साथ सार्वजनिक तौर पर उसके निजी अंगों के पकड़ा , मसला और विडियो बनवाया उनके साथ बलात्कार करने की कोशिश की करीब तीस पैंतीस लोगों की भीड़ ने महिला को परेड कराया और महिला के गालियां दी अपमानित,जलील किया गया l मेरी पत्नी का चरित्र हरण कर रहे लोग यदि कोई ऐसी बात होगी तो मैं फैसला करता । 

गांव के असामाजिक तत्व कौन होते हैं? इस तरह की घटना को अंजाम देने की l 

   जब टीम गांव में पहुंची तो कुछ लोग बैठे थे एक चबूतरे पर और इस घटना पर महिला संगठनों, सामाजिक । संगठनों एवं राजनीतिक पार्टियों के आने – जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इस गाँव जब यज्ञ हुआ तो कोई नहीं दिखाई पड़ा। 

   गांव में कई महिलाएं पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहीं थीं कि उन्होंने निर्दोष लोगों को फंसा दिया है। आमतौर पर तो लोग बोलने को तैयार नहीं थे। बहुत कुरेदने पर कोई महिला के चरित्र पर सवाल उठाता तो किसी का कहना था गलत हुआ। ऐसा रहा तो यह किसी के साथ भी हो सकता है।

    टीम जब नूरसराय डीएसपी से मिली तो उनका कहना था कि 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 10 को जेल भेज दिया गया है। के चार्जशीट की तैयारी चल रही है। स्पीडी ट्रायल करके दोषियों को सजा दी जाएगी। केस इंचार्ज दीप्ति कुमारी से भी टीम की मुलाकात हुई। 

     महिला संगठनों ने सरकार से मांग किया कि:- 

 – महिला को शर्मशार करने के हुजूम में शामिल सभी दोषियों को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दें।

– पीड़िता को सुरक्षा की गारंटी करें।

पूरे बिहार में महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर अविलंब रोक लगनी चहिए। 

संयुक्त महिला संगठनों की ओर से

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