स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
दस द्वारे का पिंजरा: स्त्री मुक्ति की संघर्ष गाथा
पितृसत्तात्मक हादसों से मुठभेड़ करती लेखिका की आत्मकथा: ‘हादसे’
70 साल गौरव के, लोकतंत्र और समतामूलक सपनों के
लघुकथाएं
इलायची
समकालीन ग़ज़ल में मुखर होता महिला रचनाकारों का स्वर
डॉ. अंबेडकर का स्त्रीवाद (एक विश्लेषणात्मक पुनरावलोकन )
स्त्री की चेतना और संसार का कहानी संग्रह है शरद सिंह की किताब ’तीली-तीली आग’
‘गूज बम्प्स’