स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
प्रतिभा श्री की कविताएं: वर्णमाला व अन्य
स्त्रीवादी भी.मार्क्सवादी भी करते हैं लिंचिंग: पाखी पत्रिका का बलात्कार प्रकरण
गूगल का डूडल इस्मत चुगताई के नाम
प्रेम का आविष्कार करती औरतें और अन्य कविताएं (रोहित ठाकुर)
समकालीन हिन्दी-उर्दू कथा साहित्य में मुस्लिम स्त्रियाँ: संघर्ष और समाधान
बिहार बंद तस्वीरों में: राकेश रंजन की कविता के साथ
छायावादी कविता में पितृसत्तात्मक अभिव्यक्ति
ग्यारहवीं ‘ए’ के लड़के देश का भविष्य हैं, असली खतरा ग्यारहवीं ‘बी’ की लड़कियां हैं
‘गूज बम्प्स’