दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
नाम अम्बेडकर विश्वविद्यालय, काम दलितों की उपेक्षा
बुलंद इरादे और युवा सोच के साथ
वंचित तबकों की लड़कियों के भी खिलाफ है यह साजिश: जेएनयू प्रकरण
जेएनयू बलात्कार और वामपंथ का अवसरवाद
एबीवीपी-सदस्य की आत्मग्लानि:पत्र से खोला राज, कहा रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या थी साजिश
पितृसत्ता पर सबसे पहला मुक्का ऑप्रेस्ड कम्युनिटी की महिलाओं ने मारा है: सोनपिम्प्ले राहुल पुनाराम
बलात्कारी के खिलाफ छात्र
एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जा रही अस्मिताएं
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना