रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
कंडोम- राष्ट्रवाद, जे एन यू और गार्गी का मस्तक
ब्राह्मणवाद का प्रतीक है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
एक सपने की मौत/अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिक्षा संस्थानों में प्रतिभावान दलितों की आत्महत्या
आधुनिक गुरुकुलों में आंबेडकर के वंशजों की हत्या
राष्ट्रपति से जातिवादी हत्यारों के खिलाफ कारवाई की मांग
संघ प्रमुख की सुरक्षा पर हंगामा , आगे आये दलित संगठन
नाच एक संवेदनशील उपन्यास