दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
अपनी -अपनी वेश्यायें : सन्दर्भ : जे एन यू सेक्स रैकेट
महिलाओं दलितों के खिलाफ है इनका राष्ट्रवाद : अपराजिता राजा
कंडोम- राष्ट्रवाद, जे एन यू और गार्गी का मस्तक
ब्राह्मणवाद का प्रतीक है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
एक सपने की मौत/अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिक्षा संस्थानों में प्रतिभावान दलितों की आत्महत्या
आधुनिक गुरुकुलों में आंबेडकर के वंशजों की हत्या
राष्ट्रपति से जातिवादी हत्यारों के खिलाफ कारवाई की मांग
संघ प्रमुख की सुरक्षा पर हंगामा , आगे आये दलित संगठन
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना