नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
दहेज विरोधी कानून में सुधार की शुरुआत
न्याय व्यवस्था में दहेज़ का नासूर
हम चार दशक पीछे चले गए हैं :
दाम्पत्य में ‘बलात्कार का लाइसेंस’ असंवैधानिक है
मनुवादी न्याय का शीर्ष तंत्र
न्यायपालिका में मौजूद जातिवादी मानसिकता – अरविंद जैन
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम