रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
स्त्रीवादी क़ानूनविद ( वकील साहब ) का ट्रायल
नाबालिग पत्नी से, बलात्कार का कानूनी अधिकार (हथियार): अरविंद जैन
वेश्यावृत्ति को कानूनी बनाना समस्या का समाधान नहीं : महिला संगठन
शादी का झूठा आश्वासन यौन शोषण
महिला मताधिकार पर बहस : सन्दर्भ बिहार विधान परिषद ( १९२१ , १९२५, १९२९ )
धारा 304 IPC के बहाने एक चर्चा : एक विचार यह भी
यौन शोषण के आरोपों से घिरी न्यायपालिका
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आगे आये महिला संगठन
नाच एक संवेदनशील उपन्यास