नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
मी लार्ड, स्त्रीवाद का रंग ‘पिंक’ है ! कुछ-कुछ (?) लाल और नीला भी
‘पार्च्ड’ के जवाब , ‘पिंक’ से कुछ सवाल : स्त्रीवाद के आईने में (!)
रंडी अश्लील शब्द है और फक धार्मिक (!) … पिंक के बहाने कुछ जरूरी सवाल
क्यों स्त्रीविरोधी है अतिनाटकीय फिल्म ‘पिंक’ !
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
*‘मिस टनकपुर हाजिर हो’ : यथार्थवादी कॉमेडी
स्त्रियों ने रंगमंच की भाषा और प्रस्तुति को बदला: त्रिपुरारी शर्मा
‘निल बट्टे सन्नाटा’ और घरेलू कामगार महिलायें
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम