गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :तीसरी क़िस्त
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :दूसरी क़िस्त
मायावती का चरित्रहनन और राजनीतिक पतन का मर्सिया
मीसा भारती: महिलाओं को अधिकार दिये बिना सामाजिक न्याय अधूरा
पाकिस्तानी इस्लाम ने ली कंदील की जान
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :पहली क़िस्त
प्रकृति के लिए महिलाएं
यौन हिंसा और न्याय की मर्दवादी भाषा:- आख़िरी क़िस्त
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय