आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
व्यस्तताओं और विवशताओं के बीच से गुजर कर ही राह जीवन की ओर मुड़ती है
एक स्त्री रचनाकार की यात्रा
शराबबंदी , महिला मतदाता और नीतीश कुमार
देह का स्त्रीवादी पाठ और मित्रो मरजानी
नील नीले रंग के
यू पी एस सी में स्त्रीकाल
ग्रामीण महिलाओं के श्रम का राजनीतिक अर्थशास्त्र
नादिया अली का सेक्सुअल क्रूसेड
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर