आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
कभी सूख नहीं पायेंगे रोहित वेमुला की माँ के आंसू
घरेलू कामगार महिलाओं की दीदी: संगीता सुभाषिणी
पुस्तक मेले की 'मानुषी' से गायब गैरद्विज स्त्री
बच्चन के पत्रों के बहाने उनकी स्त्रियों की याद
पूर्ण शराबबंदी के लिए प्रतिबद्ध वड़ार समाज की बेटी संगीता पवार
वक्रता का वाग्वैदग्ध्य : नागार्जुन की स्त्री केन्द्रित कवितायें
मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
दलित महिला उद्यमिता को संगठित कर रही हैं सागरिका
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर