आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
गांधी के ब्रह्मचर्य-प्रयोग की क्रूरता
महिलाओं के भरोसे है खेती लेकिन मालिक हैं पुरुष
मध्यवर्गीय कामकाजी स्त्रियों के कशमकश भरी जिंदगी की कविताएं !
सिमोन द बोउआर के 10 कथन
बच्चियों का यौन शोषक एक हाई प्रोफाइल प्राइवेट ट्यूटर
शक्ति स्वरूपा नहीं मानवी समझने की जरूरत
पोर्न के आइने में सामाजिक-सांस्कृतिक चेहरा: क़िस्त एक
महाराष्ट्र की ये महिलायें अपना गर्भाशय निकालने को क्यों हैं मजबूर (!)
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर