आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
संसद के वे दिन: जब मैं झांसी से चुनकर आयी
पहली महिला कुली, दलित महिला आंदोलन नेत्री जाईबाई चौधरी
चुनाव आयोग को महिला संगठनों का पत्र: समुचित राजनीतिक प्रतिनिधत्व के लिए हस्तक्षेप की मांग
मेरी माँ मेरा आदर्श..!
रजनी तिलक का स्त्री चिंतन : जाति, जेंडर, पितृसत्ता और यौनिकता के प्रश्न
दलित लेखिका की दावेदारी: अपनी जमीं अपना आसमाँ
उनकी प्रतिबद्धता हाशिये के लोगों के साथ ताउम्र रही
एक विदुषी पतिता की आत्मकथा: दूसरी क़िस्त
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर