अतिपिछड़ा दावेदारी सम्मेलन में 18 जिलों के प्रतिनिधि जुटे, जाति गणना और संख्यानुपातिक हिस्सेदारी पर जोर
गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
‘तिवाड़ी परिवार’ में जातिभेद और छुआछूत बचपन से देखा
ब्राह्मण होने का दंश: कथित पवित्रता की मकड़जाल
ऑर्गेज़्मिक पैरिटी की चैरिटी बनाम ‘योनि उद्धारक’ बाजार
बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री : मेरी रॉय, जिसने सम्पत्ति में समान उत्तराधिकार की लड़ाई लड़ी
एक पत्र जो उसने आत्महत्या का निर्णय टालने के पूर्व लिखा था
उस संस्थान में ब्राह्मणों की अहमियत थी
‘लिखो इसलिए’ व श्रीदेवी की अन्य कविताएं
हां उनकी नजर में जाति-घृणा थी, वे मेरे दोस्त थे, सहेलियां थीं
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में