गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
यौन शोषण के आरोपों से घिरी न्यायपालिका
प्रेमचंद का साहित्य और दलित स्त्री
उन्हें लड़ना ही होगा अपने हिस्से के आसमान के लिए
स्त्री के विरूद्ध स्त्री कठघरे में ( !)
क्या सजा के खौफ से तेजाब हमलों को रोका जा सकता है ( ! )
और यह स्त्री -पक्षधर हिन्दी समाज है ( !)
सोनिया गांधी का नागरिकता प्रसंग : पितृसत्ता का राग-विराग
राजेंद्र यादव के अंतर्विरोध , हंस और दलित स्त्री अस्मिता के सवाल
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय