आजादी के आंदोलन में आम लोगों की हिस्सेदारी रेखांकित करना: नाटक
आवाज़
‘सोनिया और राजीव’ ‘मेलोनी और मोदी’
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद नहीं, लोकतान्त्रिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने की जरूरत है: अनिता भारती
थेरीगाथा , बौद्ध धर्म और स्त्रियाँ
हरियाणा की मनीपुरी बहुएं
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-आख़िरी क़िस्त
यह चुप्पी खतरनाक है
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-दूसरी किश्त
ऊप्स मूमेंट : स्त्री को देह बनाते कैमरे
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-पहली किश्त
हम चार दशक पीछे चले गए हैं :
स्त्री भागीदारी पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी: उपलब्धियों के साथ नई चुनौतियों पर जोर