गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
साम्प्रदायिक हिंसा से अलग तासीर है मॉब लींचिंग की
धरती का महारस और प्रेम की आधुनिकता : गुलज़ार के फिल्मी गीतों में लौकिकता, आत्म और असीम का अंतर्संबंध
समकालीन हिन्दी-उर्दू कथा साहित्य में मुस्लिम स्त्रियाँ: संघर्ष और समाधान
छायावादी कविता में पितृसत्तात्मक अभिव्यक्ति
आदिवासी स्त्री जिसे मीडिया प्रस्तुत नहीं करती है
देहसत्ता का रहस्य ( दूसरी क़िस्त)
देहसत्ता का रहस्य (पहली क़िस्त)
महिला पत्रकारों पर बढ़ रहे हमले, जेएनयू प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस की बदसुलूकी
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय