गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
मर्दोत्सव और स्त्रीविलाप बीच होलिका का लोकमिथ
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलायें और गांधीजी की भूमिका पर सवाल
स्त्रीत्व, देहबोध और आत्मानुभूति : सामाजिक निषेध से आध्यात्मिक स्वायत्तता तक
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें
वेश्यावृत्ति का समुदायिकरण और उसका परंपरा बनना
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय