“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना
“दलित विमर्श और हिंदी साहित्य: भाषा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन”
पितृसत्ता: महिलाओं में आत्म-दया की कमी का प्रमुख कारण
हिंदी रंगमंच में महिला रंगकर्मियों का योगदान
मुस्लिम महिलाओं के अधिकार, इस्लामी कानून, परंपराएँ और सामाजिक सुधार
पुरुषों के अस्तित्व पर खतरा (प्रकृति और पुरुष)
मीरा का काव्य और स्त्री अस्मिता का प्रश्न
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
हिन्दी नवजागरण और स्त्री प्रश्न
‘द वायस ऑफ़ हिन्द रजब’