गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
ओटीटी और भारतीय समाज की बदलती ‘दर्शक संस्कृति’
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक
“दलित विमर्श और हिंदी साहित्य: भाषा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन”
पितृसत्ता: महिलाओं में आत्म-दया की कमी का प्रमुख कारण
हिंदी रंगमंच में महिला रंगकर्मियों का योगदान
मुस्लिम महिलाओं के अधिकार, इस्लामी कानून, परंपराएँ और सामाजिक सुधार
पुरुषों के अस्तित्व पर खतरा (प्रकृति और पुरुष)
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय