वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
जेंडर की अवधारणा और अन्या से अनन्या
राजेन्द्र यादव की स्वीकरोक्ति और स्त्रीवादी प्रतिबद्धता के सवाल !
‘मर्द’ तैयार करती सोच की पहली सीख : उलटबांसियां: उलटी दुनिया की पाठशाला (1998)
पूरन सिंह की कवितायें
स्पीड ब्रेकर / कहानी
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कुमार मुकुल की दो कवितायें
दलित आलोचना अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं करती : प्रोफ . मैनेजर पाण्डेय
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’