शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
स्वर्णलता ठन्ना की कवितायें
संजय इंगले तिगांवकर की कवितायें
धीय बिनु धरम न होय….!
वीणा वत्सल सिंह की कवितायें : रेहाना जब्बारी और अन्य
नीलिमा सिन्हा की कवितायें : वर्किंग वीमेन और अन्य
अविनाश मिश्र की चार कवितायें : बदसूरत औरत की जरूरत और अन्य
महिलाएँ-जाति, वर्ग या एक उत्पीड़ित लिंग
दूजी मीरा : आख़िरी क़िस्त
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल