शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
दूजी मीरा पहली क़िस्त
जेंडर की अवधारणा और अन्या से अनन्या
राजेन्द्र यादव की स्वीकरोक्ति और स्त्रीवादी प्रतिबद्धता के सवाल !
‘मर्द’ तैयार करती सोच की पहली सीख : उलटबांसियां: उलटी दुनिया की पाठशाला (1998)
पूरन सिंह की कवितायें
स्पीड ब्रेकर / कहानी
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कुमार मुकुल की दो कवितायें
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल