वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
संजय इंगले तिगांवकर की कवितायें
धीय बिनु धरम न होय….!
वीणा वत्सल सिंह की कवितायें : रेहाना जब्बारी और अन्य
नीलिमा सिन्हा की कवितायें : वर्किंग वीमेन और अन्य
अविनाश मिश्र की चार कवितायें : बदसूरत औरत की जरूरत और अन्य
महिलाएँ-जाति, वर्ग या एक उत्पीड़ित लिंग
दूजी मीरा : आख़िरी क़िस्त
दूजी मीरा पहली क़िस्त
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’