वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
स्त्री रचनाधर्मिता और आंदोलन का आयोजन
गुलज़ार के नाम एक ख़त
रीतिकाल में स्त्रीं-यौनिकता का सवाल उर्फ देह अपनी बाकी उनका
अनिल पुष्कर की कविताएँ
कामसूत्र से अब तक
प्यार में टूटी सीमोन का खत प्रेमी के नाम
सुमंत की कविताएँ
रंग रेखाओं में ढली कविता
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’