शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
धूमिल और स्त्री : अर्थात् वक़्त की चैकी पर बैठा अधेड़ मुंशी: पहली क़िस्त
स्त्री रचनाधर्मिता और आंदोलन का आयोजन
गुलज़ार के नाम एक ख़त
रीतिकाल में स्त्रीं-यौनिकता का सवाल उर्फ देह अपनी बाकी उनका
अनिल पुष्कर की कविताएँ
कामसूत्र से अब तक
प्यार में टूटी सीमोन का खत प्रेमी के नाम
सुमंत की कविताएँ
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल