वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
“मय्यादास की माड़ी” के स्त्री पात्र
मंजरी श्रीवास्तव की कविताएँ
सरला माहेश्वरी की कविताएँ
डोंट यू नो, हंसना इज़ एन इन्वीटेशन टू रेप?
‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’ के लिए आवेदन / संस्तुतियां आमंत्रित
कमबख्त इज्जत का एड्रेस नहीं बदला अब तक
देह के द्वार पर अनादृत स्त्रियां और हिंदी कथा साहित्य: पहली क़िस्त
दो स्वीडिश कवयित्रियों की कवितायें
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’