वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
प्रत्यक्ष प्रमाण से आगे और सूक्ष्म संवेदना की कविताएं : अभी मैंने देखा
रुचि भल्ला की कविताएं
पुस्तक मेले की 'मानुषी' से गायब गैरद्विज स्त्री
बालेंदुशेखर मंगलमूर्ति की कविताएं
बच्चन के पत्रों के बहाने उनकी स्त्रियों की याद
.वो हरी घास की चादर
वक्रता का वाग्वैदग्ध्य : नागार्जुन की स्त्री केन्द्रित कवितायें
उस देश में और अन्य कविताएं
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’