नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
वक्रता का वाग्वैदग्ध्य : नागार्जुन की स्त्री केन्द्रित कवितायें
उस देश में और अन्य कविताएं
शैलजा की कविताएं
बोलिए न पापा कुछ तो बोलिए
दो चोटी वाली लड़की और अन्य कविताएं
सुनो आवारा लड़कियों और अन्य कविताएं
महिलाओं , महान बनने के सपने देखो: डा.आंबेडकर
देह दोहन का अधिकार! उर्फ ‘दास्ताने लापता’ : ( दूसरी क़िस्त कालाजल )
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है