वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
शैलजा की कविताएं
बोलिए न पापा कुछ तो बोलिए
दो चोटी वाली लड़की और अन्य कविताएं
सुनो आवारा लड़कियों और अन्य कविताएं
महिलाओं , महान बनने के सपने देखो: डा.आंबेडकर
देह दोहन का अधिकार! उर्फ ‘दास्ताने लापता’ : ( दूसरी क़िस्त कालाजल )
स्त्री के सम्मान में पढ़ा गया फातिहा:‘काला जल’ (पहली क़िस्त)
झाँकती है देह आँखों के पार और अन्य कविताएं
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’