शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम
फ़िलिस्तीन : एक नया कर्बला – नासिरा शर्मा
छुई-मुई
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन
सत्ता और विमर्श के अन्तर्सम्बन्धों की रवायत (चित्रा मुद्गल की कहानियों का पुनराकलन)
बिना इजाज़त अन्दर आना मना है
संतोष अर्श की कविताएं : स्त्री
ऑब्जेक्ट से सब्जेक्ट बनने की जद्दोजहद
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
राजकमल चौधरी के उपन्यास और सेक्सुएलिटी
पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल