वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन
सत्ता और विमर्श के अन्तर्सम्बन्धों की रवायत (चित्रा मुद्गल की कहानियों का पुनराकलन)
बिना इजाज़त अन्दर आना मना है
संतोष अर्श की कविताएं : स्त्री
ऑब्जेक्ट से सब्जेक्ट बनने की जद्दोजहद
हिंदी साहित्य से झाँकतीं आदिवासी स्त्रियाँ
राजकमल चौधरी के उपन्यास और सेक्सुएलिटी
नागार्जुन के उपन्यासों की दलित पक्षधरता
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’