नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
आवाज़ और अन्य कविताएं
बोलबू ढेर ?
देह और प्रज्ञा के बीच: अलका प्रकाश की कविताएं
भारतेंदु की स्त्री चेतना का स्वरूप, सन्दर्भ: ‘बालाबोधिनी’ पत्रिका
समझ और सरोकार कविता का हासिल
बाल गंगाधर‘बाग़ी’ की कविताएँ
शूद्रा: एक समाज शास्त्रीय अध्ययन (धर्मशास्त्रीय दृष्टिकोण से)
जायसी और पद्माकर की नायिकाओं के व्यक्तित्व के सामाजिक पक्ष का तुलनात्मक अध्ययन:अंतिम क़िस्त
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है