वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
स्त्री के लिए एकांत, आज अभी भी ‘लक्जरी’ माना जाता है
रविकांत की कविताएं : तलाक दी गयी औरेतें और अन्य
स्त्री आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति की कविताएं
औरतों की ईद …
निर्मला पुतुल की कविताएँ: आदिवासी पीड़ा और प्रतिरोध का काव्य-संसार
राष्ट्रवाद का सीमांतः हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन में सहजोबाई और भक्तिकाल
लायब्रेरी की सीढियों पर प्रेम और अन्य कविताएँ
वायरल हुई योग और मोदी का मजाक उड़ाती यह कविता
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’