नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
संध्या नवोदिता की कवितायें : जिस्म ही नहीं हूँ मैं और अन्य
सवाल-दर सवाल स्त्री की चिंता (रेखा कस्तवार की किताब ‘किरदार ज़िंदा है’)
स्त्री के लिए एकांत, आज अभी भी ‘लक्जरी’ माना जाता है
रविकांत की कविताएं : तलाक दी गयी औरेतें और अन्य
स्त्री आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति की कविताएं
औरतों की ईद …
निर्मला पुतुल की कविताएँ: आदिवासी पीड़ा और प्रतिरोध का काव्य-संसार
राष्ट्रवाद का सीमांतः हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन में सहजोबाई और भक्तिकाल
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है