वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
ममता कालिया की कहानियों में दाम्पत्य- संबंधों में द्वन्द्व
राजेन्द्र यादव को मैत्रेयी द्वारा अपंग कहने से आहत साहित्यकार: पहले भी लिखी थी पंकज बिष्ट को चिट्ठी
जंग खोज निकालता है कोई और खूबसूरत सी चीज
साहित्यिक मतदाता की खुली चिट्ठी : केजरीवाल सर, लिखवायें किताब की कुंजी ‘सफरनामा कितना सच, कितना झूठ.’
राजकमल प्रकाशन ‘वह सफ़र था कि मुकाम था’ को निरस्त करे (!)
कहानी में तीसरा कक्ष
राजेंद्र यादव से मन्नू का प्रेम ठोस था: वे पत्नी और प्रेमिका दोनो रहीं
मैत्रेयी इतनी इर्ष्यालू थी कि वह नजर रखती थी कि राजेंद्र जी के पास कौन आ रहा है (?)
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’