वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
मृत्युशैया पर एक स्त्री का बयान
अनुवाद
सुर बंजारन
इस्मत आपा को पढ़ते हुए
यक्ष-प्रश्न और अन्य कविताएँ
संध्या नवोदिता की कवितायें : जिस्म ही नहीं हूँ मैं और अन्य
सवाल-दर सवाल स्त्री की चिंता (रेखा कस्तवार की किताब ‘किरदार ज़िंदा है’)
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’