वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
स्त्री कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार (क़िस्त दो)
स्त्री-कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार
ग्रामीण सामूहिकता में अकेला रोता हंस
स्त्री लेखन का स्त्रीवादी पाठ
यस पापा
‘दर्दजा‘: हव्वा को पता होता तो वह बेऔलाद रह जाती
अंजना टंडन की कविताएँ
अनागत का भविष्य
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’