गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह -चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : अंतिम क़िस्त
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह-चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : पहली क़िस्त
औरत : आजाद होने का अर्थ !
उन्हें लड़ना ही होगा अपने हिस्से के आसमान के लिए
स्त्री के विरूद्ध स्त्री कठघरे में ( !)
पश्चिम उत्तर प्रदेश : स्त्री की नियति
हरियाणा की मनीपुरी बहुएं
बदलाव की बयार : जद्दोजहद अभी बाकी है
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय