गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
भीमा-कोरेगांव हिंसा पर एनडीए के डिप्टी मेयर की फैक्ट फायन्डिंग रिपोर्ट से उड़ सकती है सरकार की नींद
देशवासियों के नाम पूर्वोत्तर की बहन का एक खत
सखी का सखी को प्रेम पत्र: खुल गई बेडियां!
समलैंगिकता को मिली सुप्रीम मान्यता: अंतरंगता निजी मामला
एशियाड में स्त्रीकाल: मर्दवादी रूढ़ियों को हराकर महिलाओं ने फहराये परचम
बलात्कारी परिवेश में रक्षाबंधन पर एक बहन का नोट्स:
मंडल मसीहा को याद करते हुए
भारतीय लोक तंत्र मोदी को बदल देगा : कुलदीप नैयर
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय